हे !शक्ति पुंज
तुम ओज भरो
तुम ज्ञान भरो
अज्ञान हरो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे !ऊर्जा पुंज
तुम तेज भरो
तिमिर हरो
आलोक भरो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे ! आदित्य ह्रदय
तुम बाहों में,
धरती को लेकर
धन्य करो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे !जगतपिता, तुम परमेश्वर
तुम ही सत्य
तुम ही सुन्दर
इस जगती की पीड हरो |
सूरज रे !तुम जलते रहो |
मोहिनी चोरड़िया
तुम ओज भरो
तुम ज्ञान भरो
अज्ञान हरो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे !ऊर्जा पुंज
तुम तेज भरो
तिमिर हरो
आलोक भरो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे ! आदित्य ह्रदय
तुम बाहों में,
धरती को लेकर
धन्य करो
सूरज रे !तुम जलते रहो |
हे !जगतपिता, तुम परमेश्वर
तुम ही सत्य
तुम ही सुन्दर
इस जगती की पीड हरो |
सूरज रे !तुम जलते रहो |
मोहिनी चोरड़िया
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